बहराइच जिले के पयागपुर इलाके में शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। विवाह समारोह अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और वैदिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। जैसे ही भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ, पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से झूमते हुए भगवान शिव का गुणगान किया। कथावाचक रविशंकर महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान शिव-पार्वती विवाह की रस्में पूरी कराईं। उन्होंने विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि शिव-पार्वती विवाह सनातन संस्कृति में त्याग, तपस्या, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने पुरुषोत्तम मास में किए जाने वाले भगवान शंकर के पूजन का महत्व भी बताया। विवाह समारोह को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भगवान शिव की बारात में भक्तों ने नृत्य करते हुए हिस्सा लिया। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु झूमते रहे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इससे पूर्व पार्थिव पूजा भी संपन्न कराई गई, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक राम रंग जायसवाल, संजय जायसवाल, धवल राजकुमार, मनोज अग्रवाल, पंकज माहेश्वरी और श्यामजी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने आए हुए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन स्थल को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जिससे माहौल भक्तिमय और आकर्षक बना रहा।
बहराइच में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का मंचन:शिव महापुराण कथा में भक्तिमय हुआ माहौल, गूंजे जयकारे
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