लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम मे उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में एन०आर०एल०एम० योजनान्तर्गत एस०एन०ए० स्पर्श माडयूल के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मदर सैक्शन के सापेक्ष अनुदान सं0-81 (अनुसूचित जन जाति मद) के अंतर्गत केन्द्रांश की धनराशि रू0 826.54 लाख के सापेक्ष राज्यांश की धनराशि रू0 551.027 लाख इस प्रकार कुल रू0 1377.567 लाख (रुपये तेरह करोड़ सतहत्तर लाख छप्पन हजार सात सौ मात्र) को अवमुक्त कर आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने एवं व्यय किये जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गयी है।
जारी शासनादेश मे निर्देश दिये गये है कि धनराशि का कोषागार से आहरण एकमुश्त न करते हुए आवश्यकतानुसार चरणों में किया जायेगा। धनराशि का आहरण एवं व्यय योजना विषयक गाइड लाइन/दिशा निर्देश तथा इस संबंध में समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा।
स्वीकृत की गयी धनराशि के विरुद्ध निर्धारित लक्ष्यों के प्राप्त होने व उसके परीक्षण/सत्यापन सुनिश्चित किये जाने का दायित्य आयुक्त, ग्राम्य विकास मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा। स्वीकृत धनराशि के नियम संगत व्यय व स्वीकृत धनराशियों के निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा।
स्वीकृत धनराशि को आहरित कर यदि किसी ऐसे खाते में रखा जाता है, जिसमें ब्याज अर्जित होता है, तो अर्जित ब्याज के नियमानुसार समायोजन/निर्धारित लेखाशीर्षक में जमा कराने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा। स्वीकृत धनराशि से यथावश्यकता सामग्री, उपकरण आदि के क्रय हेतु सामग्री क्रय संबंधी संगत शासनादेशों में निर्धारित क्रय प्रक्रिया/व्यवस्थाओं का अनुसरण करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।












