आणंद। भारतीय जनता पार्टी को आणंद जिला पंचायत में स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद अध्यक्ष पद गंवाना पड़ा। भाजपा उम्मीदवार का नामांकन जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी तकनीकी और कानूनी त्रुटि के कारण रद्द कर दिया गया, जिसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार गौरीबेन तड़वी निर्विरोध विजेता घोषित हुईं।
आणंद जिला पंचायत का अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित था। भाजपा ने सारसा सीट से विजेता मयूरीबेन पटेल को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया था।
लेकिन नामांकन जांच के दौरान सामने आया कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। कांग्रेस पक्ष के वकीलों ने इस पर कड़ा विरोध जताया।
नियमों के अनुसार दूसरे राज्य का आरक्षण प्रमाणपत्र गुजरात में मान्य नहीं है। आरक्षण का लाभ केवल गुजरात के मूल आदिवासी निवासियों को ही दिया जा सकता है।
इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर जिला विकास अधिकारी ने भाजपा उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया। 33 सीटों के बहुमत के बावजूद भाजपा को इस तकनीकी गलती की भारी कीमत चुकानी पड़ी और अध्यक्ष पद कांग्रेस के खाते में चला गया।
इस घटनाक्रम को कांग्रेस की बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है। इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा — “सत्यमेव“।












