लखनऊ। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के 150 आईटीआई संस्थानों का कायाकल्प किया जायेगा। इन्हें अत्याधुनिक मशीनों एवं तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके। साथ ही वैश्विक एवं औद्योगिक मांग के अनुरूप रोबोटिक्स, सीएनसी मशीनिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, कंप्यूटर एवं अन्य तकनीकी प्रशिक्षण पर बल दिया जा रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ विधानसभा में बैठक की। इस अवसर पर कौशल विकास एवं प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं और सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गयी। कपिलदेव अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में सरकारी आईटीआई में लगभग 1.29 लाख तथा निजी आईटीआई में 2.77 लाख युवाओं का प्रवेश हुआ है।
टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ हुए समझौते के तहत 150 आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक मशीनों एवं तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार उपज्लब्ध कराया सके। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पांच ह्लसेंटर ऑफ इनोवेशन, इंटीग्रेशन एंड इनोवेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जो भविष्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होंगे और उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण का केंद्र बनेंगे।
स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक उपयोगी बनाने हेतु जिला स्तर पर स्किल मैपिंग एवं सर्वेक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, विशेष सचिव अभिषेक सिंह, मिशन निदेशक पुलकित खरे सहित कई जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।












