- कहा, परिवार संग समय बिताने से संस्कार व परंपराएं सीखने को मिलती हैं
- की अपील, छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनायें, कपड़े या जूट के बैग करें इस्तेमाल करें
लखनऊ। राजधानी लखनऊ का मौसमी पारा दिन प्रतिदिन चढ़ता जा रहा तो ऐसे में खासकर स्कूली बच्चों के लिये ये काफी कष्टकारी दिन होते हैं। वजह यही होती कि एक तो गर्मी की छुट्टियां शुरू हो गयीं और ऊपर से ये तन बदन में आग लगा देने वाली प्रचंड धूप, लू का माहौल ऐसे में कोइ बच्चा कहां जाये, क्या करे और किस तरह अपने परिवारीजनों के साथ बाहर निकले, ये एक बड़ी व्यवहारिक समस्या इन नौनिहालों के समक्ष खड़ी हो गयी।
प्रदेश के बच्चों के कोमल मन मस्तिष्क में कौंध रहे कुछ इन्हीं सवालों के सरल और सहज उपाय सूबे के मुखिया यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी ‘योगी की पाती’ नामक लेख संस्मरण में बकायदे लिखते हुए सुझाये हैं। सीएम योगी ने विशेषकर अभिभावकों से अपील की कि वो गर्मी की छुट्टियों में अपने बच्चों को दादा-दादी व नाना-नानी के पास जरूर ले जाएं, क्योंकि आजकल के तकनीकी युग में बच्चे अलग अलग परिस्थितियों के चलते न चाहते हुए भी कहीं मोबाइल तो कहीं डिजिटल मंच पर चल रहे तमाम सोशल मीडिया से जुड़ी गतिविधियों में अपन समय निकाल देते हैं।
योगी ने बच्चों के नाम लिखे अपने संदेश में यह भी कहा कि वो खाली समय में किताबें पढ़ें, चित्रकारी, संगीत, फोटोग्राफी जैसी गतिविधियां करें और अपने परिवार के साथ समय बितायें जिससे उन्हें संस्कार और परंपराएं सीखने को मिलती हैं।
साथ ही यह भी कहा कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ें और पौधे लगाने की आदत डलवायें और इन सबसे ऊपर छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लें। बाजार हाट जाने पर कपड़े या जूट के बैग इस्तेमाल करें और कचरा न फैलाएं क्योंकि सीएम योगी ने इसका उदाहरण देते हुए अपने पाती में यही कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव लाते हैं।












