#बस्ती_न्यूज
अमोढ़ा कस्बे के मदरसा महबूबिया बदरूल उलूम में जश्न-ए-दस्तारबंदी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हाफिज की धार्मिक शिक्षा पूरी करने वाले चार छात्रों नूरे अनस, मुख्तार अहमद, गुलाम महिमुदीन और गुफरान अहमद को दस्तारबंदी कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारी निफताहुल हक ने तिलावत-ए-कुरान पाक से किया। मुख्य वक्ता मुफ्ती मसिउद्दीन असमती ने अपने संबोधन में कहा कि पैगंबर साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए हैं। अक्तर हुसैन अलीमी ने पैगंबर साहब की तालीम को पथ प्रदर्शक बताया। नातिया मुशायरे में शायर अम्बर मुशाहिदी और अन्य शायरों ने नातिया कलाम पेश किए। जाकिर इस्माइली और गुलाम गौस तनवीरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। हाफिज बने चारों छात्रों को मौलानाओं द्वारा दस्तारबंदी की गई और उन्हें प्रमाणपत्र व कुरान भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम का समापन कलाम पाक पढ़ने के साथ हुआ। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। डॉ. मुन्नर, वसीम, सपा नेता हिमांशु सिंह रानू, लल्लू चौधरी, सत्य प्रकाश यादव, मौलाना अब्दुल कादिर, जमील अहमद खां, इल्तिजा सिद्दीकी, मो. उमर, सुधीर यादव, रहमत अली सिद्दीकी और आफताब खान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह स्थल पर एक मेले का भी आयोजन किया गया था।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
अमोढ़ा के मदरसा महबूबिया में जश्न-ए-दस्तारबंदी:4 छात्र बने हाफिज, कुरान और सर्टिफिकेट देकर किया सम्मानित; मेले में उमड़ी हजारों की भीड़
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












