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SSB ने पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण, सामाजिक सेवा की:सीमा चौकियों से वृद्धाश्रम तक चलाया अभियान, बुजुर्गों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं


श्रावस्ती में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 62वीं वाहिनी ने व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकार को सशक्त रूप दिया गया। वाहिनी मुख्यालय सहित भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सभी बाहरी सीमा चौकियों में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इसमें तैनात SSB जवानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यवाहक कमांडेंट ललेंद्र रत्नाकर और द्वितीय कमान अधिकारी की उपस्थिति में अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी पौधों का रोपण किया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का संदेश देना था। सभी कार्मिकों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया और अधिकाधिक वृक्षारोपण के साथ लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया। इसी क्रम में, सशस्त्र सीमा बल भिनगा ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए भिनगा स्थित वृद्धाश्रम में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान संदीक्षा सदस्यों ने वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठजनों को फल, सब्जियाँ, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं भेंट कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. कल्पना महादेव पाटील ने की। संदीक्षा सदस्यों ने वरिष्ठजनों से संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके प्रति सम्मान व स्नेह व्यक्त किया। विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के अनुरूप “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृद्धाश्रम परिसर में भी वृक्षारोपण किया गया, जिसमें वरिष्ठजनों, संदीक्षा सदस्यों और बल कार्मिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके अतिरिक्त, वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वरिष्ठजनों के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। इन समग्र कार्यक्रमों के माध्यम से 62वीं वाहिनी SSB ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा, दोनों ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं।

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