श्रावस्ती जिले के गुलरा क्षेत्र में स्थित केन नाला को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘बायो-डायवर्सिटी हेरिटेज साइट’ (जैव विविधता विरासत स्थल) घोषित करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रावस्ती के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नगरी भगवान श्रीराम के पुत्र लव द्वारा बसाई गई मानी जाती है और भगवान बुद्ध ने यहां सर्वाधिक चातुर्मास व्यतीत किए थे। श्रावस्ती जैन परंपरा से भी जुड़ी एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थली है। इन्हीं विशेषताओं को देखते हुए प्रदेश सरकार श्रावस्ती को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। केन नाला श्रावस्ती के वन प्रभाग के भिनगा रेंज में स्थित एक अद्वितीय मीठे और स्वच्छ जल का पारिस्थितिकी तंत्र है। यहां फ्रेश वाटर मैंग्रोव बैरिंगटोनिया एक्यूटेंगुला नामक प्रमुख वनस्पतिक प्रजाति पाई जाती है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘इंजड़’ कहा जाता है। यह क्षेत्र भिनगा आरक्षित वन क्षेत्र का हिस्सा है, जिसका कुल क्षेत्रफल 452.88 हेक्टेयर है। इसमें से 80 हेक्टेयर क्षेत्र को अब जैव विविधता विरासत स्थल घोषित किया गया है। केन नाला का निर्माण भिनगा वन क्षेत्र, कृषि भूमि और पहाड़ी नालों से आने वाली विभिन्न जलधाराओं से होता है। यह क्षेत्र स्थलीय और जलीय जीवों, वन्य जीवों तथा पशु-पक्षियों का प्राकृतिक आवास है। यहां अनेक प्रजातियों के औषधीय पौधे भी मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र कुछ पक्षियों के ऋतु आधारित प्रवास के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह पूरा क्षेत्र वर्तमान में उत्तर प्रदेश वन विभाग के नियंत्रण में है, लेकिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में शामिल नहीं था। केन नाला को बायो-डायवर्सिटी हेरिटेज साइट का दर्जा मिलने से न केवल यहां की जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि श्रावस्ती के पर्यटन और पर्यावरणीय महत्व को भी एक नई पहचान मिलेगी।
श्रावस्ती का केन नाला बायो-डायवर्सिटी हेरिटेज साइट घोषित:मुख्यमंत्री योगी ने की घोषणा, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
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