लखनऊ। खरीफ की बुआई अभी आरंभ नहीं हुई लेकिन यूरिया , डीएपी सहित अन्य खादों को लेकर हलचल तेज हो गयी है। जिला कृषि अधिकारी का पर्याप्त एवं लक्ष्य से अधिक उपलब्ध होने का एक दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर किसानों को अधिकतम 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी खाद देने का निर्णय लिया गया है। वह जमीन एवं फसल के रकबे के आधार एवं फार्मर आईडी दिखाने पर ही खाद दी जायेगी। साथ ही एनपीके, एमओपी खाद की उपलब्धता लक्ष्य से अधिक बतायी जा रही है।
जिला कृषि कार्यालय के अनुसार वर्तमान में लखनऊ जनपद में यूरिया की उपलब्धता 21062 मीटन है जबकि लक्ष्य 3637 मी टन का है। वहीं डीएपी की उपलब्धता 9033 मीटन है जबकि लक्ष्य 1624 मी टन है। इसी तरह एनपीके एवं एमओके की उपलब्धता 4174 एवं 167 मीटन है जबकि लक्ष्य 206 तथा 167 मीटन है। जिला कृषि अधिकारी डा मेनका ने बताया कि राजधानी लखनऊ में खाद की कोई कमी नहीं है। हर तरह की रसायनिक खाद लक्ष्य से अधिक उपलब्ध है। लेकिन लोग भण्डारण न करे इसलिए कोटा तय किया गया है।
इसीलिए इस बार फर्मर आईडी एवं जमीन के रकबे के आधार पर किसानों को खाद उपलब्ध करायी जायेगी। किसानों से यह खाद जिला, तहसील, विकास खण्ड एवं न्यापंचायत स्तर पर बिना किसी परेशानी के मिल सकेगी। उन्होनें यह भी कहा कि खाद की कालाबाजारी एवं तय तय मूल्य से अधिक दाम पर खरीद फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेंगी। खाद की किल्लत के लिए इस बार हेल्पलाइन टोाल फ्री नंबर भी जारी किये गये है।












