लखीमपुर-खीरी,18 जून(तरुणमित्र)। जिलाधिकारी लखीमपुर-खीरी अंजनी कुमार सिंह ने ग्राम पंचायतों में पंचायतीराज विभाग से कराए जाने वाले विकास कार्यों के प्राक्कलन (Estimate) एवं एम.बी. (मेजरमेंट बुक) संबंधी कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। यह आदेश उत्तर प्रदेश शासन के पंचायतीराज विभाग के 24 मई 2026 के शासनादेश के क्रम में जारी किया गया है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायतों में होने वाले समस्त कार्यों का प्राक्कलन एवं एम.बी. का कार्य प्राथमिकता के आधार पर संबंधित ग्राम पंचायत हेतु नामित इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट अथवा कंसल्टिंग इंजीनियर से ही कराया जाएगा। साथ ही इनके भुगतान को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शासनादेश के अनुसार ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में अवर अभियंताओं की कमी को देखते हुए उनके माध्यम से अन्य विभागों, संस्थाओं अथवा स्थानीय निकायों के कार्य न लेने का निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका है। ऐसे में ग्राम पंचायतों के तकनीकी कार्यों के लिए कंसल्टिंग इंजीनियरों की भूमिका को प्राथमिकता दी गई है।
डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ग्राम पंचायत में बिना उनके अनुमोदन के अन्य विभाग के अवर अभियंता से प्राक्कलन अथवा एम.बी. का कार्य कराए जाने का मामला सामने आता है,तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा प्रधान/प्रशासक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव पंचायतीराज,निदेशक पंचायतीराज,मुख्य विकास अधिकारी,जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत), कंसल्टिंग इंजीनियरों तथा ग्राम पंचायत सचिवों को आवश्यक कार्रवाई एवं अनुपालन हेतु भेजी गई है।












