श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में स्थित हुसैनिया इमामबाड़े में 5 मोहर्रम की मजलिस संपन्न हुई। इस मजलिस में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत की और हज़रत इमाम हुसैन तथा शोहदाए-कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की। मजलिस के दौरान जनाबे अली अकबर के मसाएब बयान किए गए। ज़ाकिर ने कर्बला के मैदान में जनाबे अली अकबर की बहादुरी, वफ़ादारी और शहादत का वर्णन किया। बताया गया कि जनाबे अली अकबर, इमाम हुसैन के जवान बेटे थे, जिनकी शहादत ने अहलेबैत के खेमे में शोक की लहर दौड़ा दी थी। मसाएब सुनकर अज़ादारों में शोक का माहौल देखा गया। मजलिस के बाद नौहाख्वानी और मातम का सिलसिला शुरू हुआ। अज़ादारों ने सीना ज़नी कर जनाबे अली अकबर और शोहदाए-कर्बला को याद किया। इमामबाड़े में देर रात तक अज़ादारी जारी रही। मोहर्रम के इन दिनों में नासिरगंज में मजलिसों और मातम का यह सिलसिला पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ जारी है।
श्रावस्ती में 5 मोहर्रम की मजलिस संपन्न:हुसैनिया इमामबाड़े में जनाबे अली अकबर के मसाएब बयान
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