लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर अग्निकांड की जांच के संबंध में संज्ञान लेते हुए कहा है कि इस दुखद घटना के लिए वास्तविक जिम्मेदारियों की निष्पक्ष जांच किए बिना अधिशासी अभियंता (कलेक्शन) को निलंबित करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण, तथ्यहीन तथा बलि का बकरा बनाने की कार्रवाई है। संघर्ष समिति ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष से मांग की है कि संबंधित अभियंता का निलंबन तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
संघर्ष समिति ने कहा कि समाचारों में यह तथ्य प्रमुखता से सामने आया है कि संबंधित भवन में विद्युत सुरक्षा के समुचित इंतजाम नहीं थे तथा भवन का आवश्यक इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट भी नहीं कराया गया था। एसआईटी जांच के दौरान विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारी यह अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके कि भवन का विद्युत सुरक्षा ऑडिट कब किया गया था अथवा घटना से पूर्व भवन की विद्युत सुरक्षा की जांच कब की गई थी। यह स्थिति स्पष्ट रूप से विद्युत सुरक्षा निदेशालय एवं अन्य संबंधित एजेंसियों की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि किसी भवन में विद्युत सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं किया गया, विद्युत सुरक्षा ऑडिट नहीं हुआ, अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं अपर्याप्त थीं तथा संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण नहीं किया गया, तो इन गंभीर कमियों की जिम्मेदारी निर्धारित किए बिना केवल विद्युत वितरण निगम के एक अभियंता को दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं कहा जा सकता।
अधिशासी अभियंता का निलंबन अन्यायपूर्ण :संघर्ष समिति
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