जस्टिन ट्रुडो की विदाई के बाद भारत के प्रति कनाडा का रुख बदलने का लगा है। कभी खालिस्तान समर्थकों की हितैषी रही कनाडा की सरकार अब उनके खिलाफ मुखर हो चुकी है। इसकी एक झलक कनिष्क विमान हादसे की बरसी पर देखने को मिली।
41 साल बाद कनाडा ने पहली बार विमान धमाके में खालिस्तान समर्थकों के शामिल होने की बात स्वीकार की, जबकि पहले कनाडा की सरकार ऐसा करने से बचती रही है। उधर, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी विमान धमाके को कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया।
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कनाडा के इतिहास का सबसे घातक हमला
कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) ने फेसबुक पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा। इसमें एजेंसी ने विमान धमाके को कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया और लिखा कि खालिस्तान चरंपथियों ने विमान में बम प्लांट किया था।
पोस्ट में सीएसआईएस ने लिखा, ‘आतंकवाद के पीड़ितों की याद में मनाए जाने वाले इस राष्ट्रीय दिवस पर सीएसआईएस एयर इंडिया की फ्लाइट 182 में मारे गए उन 329 लोगों को याद करता है, जिनकी जान एक भयानक आतंकी हमले में गई थी।’
खालिस्तानी चरमपंथियों ने विमान को उड़ाया: कनाडा
एजेंसी ने आगे लिखा, ’23 जून 1985 को कनाडा में रहने वाले खालिस्तानी चरमपंथियों ने बम लगाकर विमान को नष्ट कर दिया था। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में अधिकांश कनाडाई नागरिक थे। यह कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला था।’
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नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
सीएसआईएस ने कहा, ‘यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा समुदाय के लिए एक अहम मोड़ साबित हुआ। उस समय सीएसआईएस को बने एक साल से भी कम हुआ था। इस त्रासदी ने हमारे विकास को एक नई दिशा दी। पिछले चार दशकों से हम कनाडाई लोगों को राजनीतिक, धार्मिक और विचारधारा से प्रेरित हिंसा से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
कहां हुआ था कनिष्क विमान में धमाका?
एयर इंडिया की फ्लाइट 182 को दुनिया कनिष्क के नाम से भी जानती थी। आज से करीब 41 साल पहले 23 जून 1985 को आयरलैंड के तट करीब ही विमान में एक बड़ा धमाका हुआ और समुद्र में जा गिरा। 45 मिनट बाद ही यह विमान लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर पहुंचने वाला था। मगर उससे पहले ही आतंकी हमले में पूरा विमान उड़ गया। विमान में सवार सभी 329 लोगों की जान गई थी। इनमें अधिकांश भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। एयर इंडिया के इस विमान ने कनाडा के मॉन्ट्रियल से उड़ान भरी थी। उसे लंदन के रास्ते नई दिल्ली जाना था।












