Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)या हुसैन’ की सदाओं के बीच गम-ए-हुसैन का जुलूस:बहराइच के नानपारा में...

या हुसैन’ की सदाओं के बीच गम-ए-हुसैन का जुलूस:बहराइच के नानपारा में अशुरा पर निकला विशाल मातमी मार्च


नानपारा में मोहर्रम की दसवीं तारीख ‘अशुरा’ पर शिया समुदाय ने गम-ए-हुसैन का आयोजन पूरी अकीदत और एहतराम के साथ किया। अंजुमन अब्बासिया के नेतृत्व में निकले विशाल जुलूस में अजादारों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए ‘या हुसैन’ की सदाएं बुलंद कीं और जंजीर व तलवार से मातम कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। बावर्ची टोला से शुरू हुआ मातमी जुलूस जुलूस की शुरुआत बावर्ची टोला से की गई। अंजुमन अब्बासिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अजादार इसमें शामिल हुए। दुलदुल और अलम के साथ यह जुलूस पारंपरिक अंदाज में आगे बढ़ा। मुख्य मार्गों से होकर गुजरा जुलूस जुलूस कस्बे के मुख्य मार्गों से होकर निकला। इस दौरान पूरे इलाके में मातमी माहौल बना रहा। लोगों ने रास्ते भर जुलूस का स्वागत किया। जन्नतुल वकी में हुआ समापन यह जुलूस मोहल्ला किला स्थित जन्नतुल वकी में पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। अंत में मजलिस का आयोजन भी किया गया। मातम में दिखा गहरा भावनात्मक जुड़ाव जुलूस में शामिल अजादारों ने जंजीर और तलवार से मातम किया। ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच कर्बला के शहीदों को याद किया गया। यह दृश्य पूरी तरह भावनात्मक और श्रद्धा से भरा रहा। प्रमुख लोग और प्रशासन रहा मौजूद इस अवसर पर कलीम अब्बास, राशिद नवाब, मुस्तफा अली खान, मेराज नवाब, मोहम्मद अरशद एडवोकेट और एहताराम हुसैन एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत नायब तहसीलदार मथुरा प्रसाद पुलिस बल के साथ तैनात रहे। शांति और अकीदत के साथ संपन्न हुआ आयोजन अंजुमन अब्बासिया के सदस्यों ने बताया कि अशुरा का दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी की याद दिलाता है। हर साल की तरह इस बार भी जुलूस शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन ने अकीदत, अनुशासन और भाईचारे का संदेश दिया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments