नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR)में चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी से बढ़े वैल्यूएशन (मूल्यांकन) और संभावित गिरावट का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।
RBI के अनुसार, AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश अब केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि बॉन्ड मार्केट और अन्य वित्तीय क्षेत्रों तक भी फैल चुका है। दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान जैसे देशों में AI कंपनियों के शेयरों में हाल के महीनों में तेज़ उछाल और उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
कुछ AI कंपनियों पर बढ़ती निर्भरता चिंता का कारण
रिपोर्ट में कहा गया है कि AI तकनीक से जुड़ी कुछ चुनिंदा कंपनियां कई देशों के शेयर बाजारों की दिशा तय कर रही हैं। इससे बाजार में जोखिम बढ़ गया है। यदि इन कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आती है, तो उसका असर पूरे बाजार पर पड़ सकता है। RBI ने कहा कि कई उभरते बाजारों की हालिया तेजी भी व्यापक आर्थिक मजबूती के बजाय AI कंपनियों के प्रदर्शन पर अधिक निर्भर रही है।
AI निवेश के लिए कंपनियां बढ़ा रही हैं कर्ज
रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी टेक कंपनियां (Hyperscalers) AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही हैं। इसके लिए पिछले दो वर्षों में उन्होंने बड़े पैमाने पर कर्ज लिया है क्योंकि उनकी फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) में कमी आई है। RBI का कहना है कि यदि AI शेयरों में तेज़ गिरावट आती है, तो इन कर्जों से जुड़ा जोखिम बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली तक पहुंच सकता है। खासकर वे बैंक और वित्तीय संस्थान प्रभावित हो सकते हैं जो AI निवेश को फंड देने वाली कंपनियों को वित्त उपलब्ध करा रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में भी वैल्यूएशन ऊंचे स्तर पर
RBI ने कहा कि अमेरिका के शेयर बाजार में वैल्यूएशन कई ऐतिहासिक मानकों के मुकाबले ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। मार्च 2020 में अमेरिकी शेयरों में विदेशी निवेश 7.5 ट्रिलियन डॉलर था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 21 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। इससे वैश्विक निवेशकों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता भी काफी बढ़ गई है।
दक्षिण कोरिया में AI शेयरों की तेज गिरावट
हाल ही में दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार करीब 10% टूट गया, जिसके बाद ट्रेडिंग रोकने के लिए सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा। इस गिरावट के पीछे AI शेयरों में संभावित बुलबुले (AI Bubble) के फूटने की आशंका को प्रमुख कारण माना गया। दक्षिण कोरिया के Kospi Index में इस साल बड़ी तेजी आई थी। वहीं SK Hynix और Samsung Electronics जैसे प्रमुख AI और सेमीकंडक्टर शेयर, जो इस साल कई गुना चढ़े थे, सुधार के दौरान 12% से अधिक टूट गए। इन दोनों कंपनियों का Kospi इंडेक्स में लगभग 55% वेटेज है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI कंपनियों के शेयरों का मूल्यांकन उनकी वास्तविक कमाई की तुलना में काफी आगे निकल गया है और हालिया गिरावट इस रैली के कमजोर पड़ने का शुरुआती संकेत हो सकती है।












