सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर मे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। 15 जुलाई को फैसला सुनाया जाएगा। यह सुनवाई एक रिवीजन पिटीशन पर हुई।
शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बुधवार को बताया कि ऑनरेबल रिवीजनल कोर्ट (एडीजे कोर्ट नंबर 5) के समक्ष विस्तृत बहस हुई। उन्होंने अपनी रिवीजन पिटीशन पर मजबूती से पक्ष रखा और उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय की कई विधि व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए याचिका स्वीकार करने की मांग की।
अधिवक्ता पांडेय के अनुसार, बहस काफी विस्तृत थी क्योंकि रिवीजन में कानूनी वैधता और अवैधता से जुड़े कई अहम तकनीकी पहलुओं को अदालत के सामने स्पष्ट करना था। अदालत ने उनकी दलीलों को गंभीरता से सुना। इसके बाद राहुल गांधी के अधिवक्ताओं ने भी अपनी तरफ से बहस की।
यह मामला लगभग आठ वर्ष पुराना है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता में तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बयान दिया था। इसी बयान से आहत होकर सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया। राहुल गांधी ने इस मामले में 20 फरवरी 2024 को अपनी जमानत करवाई थी और 26 जुलाई 2024 को अपना बयान भी दर्ज करा चुके हैं।
सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान की जमा की गई सीडी की आवाज और उनकी वास्तविक आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान करवाने का अनुरोध किया था। निचली अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया था। इसके बाद विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने एडीजे-5 की कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की थी।
उधर मानहानि के मूल मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में 6 जुलाई को निर्धारित की गई है।












