नवाबगंज (गोंडा)। राजस्व परिषद के निर्देशों के बावजूद बुधवार को नवाबगंज विकासखंड की पर्वती और किशुनदासपुर ग्राम पंचायतों के सचिवालयों में पहले दिन लेखपाल नहीं पहुंचे। दोनों ग्राम सचिवालयों पर ताला लटका मिला, जिससे ग्रामीणों को निराशा हाथ लगी।
राजस्व परिषद की सचिव कंचन वर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 1 जुलाई से लेखपाल ग्राम सचिवालयों में बैठकर आमजन के राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण करेंगे। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए थे। हालांकि, पहले ही दिन इन निर्देशों का पालन क्षेत्र में होता नजर नहीं आया।
ग्राम पंचायत किशुनदासपुर के लेखपाल बलवंत गुप्ता ने बताया कि उन्हें पंचायत भवन में बैठने के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव द्वारा बैठने की समुचित व्यवस्था किए जाने के बाद ही नियमित रूप से ग्राम सचिवालय में बैठना संभव होगा।वही मैनपुर गांव मे लेखपाल दिनेश यादव ने बताया कि कोई निदेश नही मिला है और पंचायत भवन मे बैठने की व्यवस्था भी नही है।
किशुनदासपुर के प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ अंकित ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि 1 जुलाई से लेखपाल ग्राम सचिवालय में बैठेंगे, लेकिन पंचायत भवन पहुंचने पर वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन के आदेशों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए तो राजस्व संबंधी छोटे-छोटे कार्यों के लिए उन्हें बार-बार तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।












