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संभल में 101 करोड़ का सरकारी ‘लैंड स्कैम’…’, पूर्व ईओ राजकुमार गुप्ता गिरफ्तार

UP: उत्तर प्रदेश के संभल में 101 करोड़ रुपये मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहजहांपुर में तैनात सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वर्ष 2013 में संभल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) रहते हुए उन्होंने हाईकोर्ट में नगर पालिका की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की। इस मामले का खुलासा डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण बिश्नोई की निगरानी में कराई गई जमीन की पैमाइश के बाद हुआ। लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर राजकुमार गुप्ता समेत 31 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

1967 में फर्जी पट्टों से शुरू हुआ विवाद

जांच में सामने आया कि इस जमीन का विवाद वर्ष 1967 से चला आ रहा है। आरोप है कि नगर पालिका ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कथित रूप से फर्जी पट्टे जारी कर दिए। बाद के वर्षों में 1991 से 2005 के बीच अपर तहसीलदार और एडीएम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस भूमि को सरकारी संपत्ति माना, लेकिन इसके बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।

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2008 के आदेश के बाद बदली पूरी तस्वीर

मामले ने नया मोड़ वर्ष 2008 में लिया, जब तत्कालीन डीडीसी खेम सिंह खड़क ने कथित पट्टाधारकों के पक्ष में आदेश जारी कर उन्हें जमीन पर कब्जा दिला दिया। प्रशासन का आरोप है कि यह आदेश नियमों के विपरीत था, जिससे सरकारी भूमि पर निजी दावेदारी मजबूत हो गई और भू-माफियाओं को फायदा पहुंचा।

हाईकोर्ट में पैरवी न करने का आरोप

प्रशासन का कहना है कि डीडीसी के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। आरोप है कि उस समय संभल नगर पालिका के ईओ रहे राजकुमार गुप्ता ने नगर पालिका की ओर से मुकदमे की पैरवी करने से इनकार कर दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस दौरान उनकी कथित मिलीभगत के कारण सरकारी पक्ष कमजोर पड़ा, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।

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60 साल बाद सरकार के नाम दर्ज हुई जमीन

हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के तहत डीडीसी कोर्ट के आदेश पर खतौनी से निजी भू-स्वामियों के नाम हटा दिए गए हैं। करीब छह दशक बाद 38 बीघा सरकारी भूमि दोबारा राज्य सरकार के नाम दर्ज कर दी गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी राजकुमार गुप्ता से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और इस कथित घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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