- शूटर समेत 3 दोषियों पर जुर्माना भी लगा
लखनऊ। मंगलवार लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने बहुचर्चित बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने शूटर विक्रम यादव उर्फ कालिया, उसके साथी पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को उम्रकैद के साथ जुर्माने की भी सजा दी है।
इससे पहले 30 जून को सीबीआई की विशेष अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। इंद्रदेव सिंह की 8 अगस्त 2002 को लखनऊ में डीएम कार्यालय के पीछे स्थित गली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के समय वह स्कूटर से जा रहे थे। स्कूटर सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया और दो गोलियां मारीं। एक गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े। मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच में सामने आया कि बृजेश यादव स्कूटर चला रहा था, जबकि पीछे बैठे विक्रम यादव उर्फ कालिया ने इंद्रदेव सिंह पर गोली चलाई थी।
मुकदमे के दौरान हत्या की साजिश रचने के आरोपी मन्नालाल गुप्ता, वेद प्रकाश उर्फ नेता और छोटेलाल उर्फ छोटू की मृत्यु हो चुकी है, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। इंद्रदेव सिंह वर्तमान में नोएडा पुलिस कमिश्नर के पिता थे। करीब 24 वर्ष पुराने इस चर्चित हत्याकांड में आए फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का अहम पड़ाव माना जा रहा है।












