HomeUncategorizedअग्निकांड से बचाव हेतु अधिकारियों/कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

अग्निकांड से बचाव हेतु अधिकारियों/कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

श्रावस्ती/बढ़ते तापमान और अन्य कारणों से होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं (अग्निकांड) को रोकने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देशानुसार कार्यालय जिलाधिकारी के अधिकारियों/कर्मचारियों को अग्निशमन विभाग द्वारा आवश्यक बचाव गाइडलाइन के अनुसार अग्निकाण्ड सुरक्षा हेतु प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि अपने घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण ओवरलोडिंग से बचें। एक ही सॉकेट में कई भारी उपकरण न जोड़ें। रसोई गैस के रेगुलेटर को रात में सोते समय और घर से बाहर जाते समय अनिवार्य रूप से बंद करें। गैस लीक होने पर बिजली के स्विच ऑन/ऑफ न करें। अपने घरों और कार्यालयों की वायरिंग की नियमित जांच करवाएं। कटे-फटे तारों को तुरंत बदलें और अच्छे गुणवत्ता वाले उपकरणों का ही उपयोग करें। अग्निशामक यंत्र और स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित रखें। बिल्डिंग के सीढ़ी वाले रास्तों और निकास द्वारों पर किसी भी प्रकार का सामान रखकर रुकावट पैदा न करें। आग लगने पर बिना देर किए तत्काल फायर ब्रिगेड के आपातकालीन नंबर 101 या राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करे। यदि आग लगने से धुआं फैल गया हो, तो जमीन पर झुककर या रेंगकर बाहर निकलें। धुएं से बचने के लिए नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढकें। हमारा मुख्य उद्देश्य ‘‘सुरक्षित समाज और शून्य दुर्घटना’’ के संकल्प को पूरा करना है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) ललित कुमार, अपर जिलाधिकारी(न्यायिक) अशोक कुमार, अग्निशमन अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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