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स्वदेशी दूरसंचार नवाचार को मिलेगी नई रफ्तार, बेंगलुरु में खुला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

  • स्वदेशी दूरसंचार अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्वदेशी दूरसंचार अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्थापना की है, जो उन्नत संचार तकनीकों पर शोध और विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि मंत्रालय के अधीन सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलिमैटिक्स (सी-डॉट) ने आईआईएससी और फाउंडेशन फॉर साइंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (एफएसआईडी) के साथ मिलकर सीओई की स्थापना की है। समझौते के तहत यह केंद्र अकादमिक और उद्योग जगत को जोड़ते हुए 5जी एडवांस, 6जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और एआई आधारित संचार प्रणालियों पर उच्च स्तरीय शोध करेगा।

सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि यह सहयोग भारत के दूरसंचार नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में एक रणनीतिक निवेश है। आईआईएससी की विश्वस्तरीय शोध क्षमता और सी-डॉट की विशेषज्ञता मिलकर भविष्य की संचार तकनीकों को विकसित करने में मदद करेगी।

आईआईएससी के इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो निलेश बी मेहता ने कहा कि यह साझेदारी छात्रों और शोधकर्ताओं को सी-डॉट के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करने का अवसर देगी, जिससे नवाचार की गति तेज होगी।

एफएसआईडी के सीईओ ओमप्रकाश सुब्बाराव ने कहा कि यह सहयोग अकादमिक और उद्योग जगत को जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी नेतृत्व को मजबूती मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि सी-डॉट ने इससे पहले आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी कानपुर, आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी रुड़की के साथ भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए हैं। आईआईएससी में नया केंद्र इस नेटवर्क का विस्तार है, जो भारत को अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

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