अंबिकापुर। अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे-130 एक बार बीते रात तेज रफ्तार की चपेट में आ गया, जहां बेकाबू स्कार्पियो ने तीन महिलाओं की जिंदगी खत्म कर दी।
हादसे के बाद जहां रविवार को आक्रोश फूटा, वहीं सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा और उग्र हो गया—हाईवे पर टायर जलाकर घंटों चक्काजाम किया गया, जिससे 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
उल्लेखनीय है कि रविवार शाम भिट्ठीकला क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हुआ, जब बाजार से सब्जी खरीदकर लौट रही तीन महिलाओं को तेज रफ्तार स्कार्पियो ने कुचल दिया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद अनियंत्रित स्कार्पियो आगे बढ़ते हुए एक बच्ची को भी अपनी चपेट में ले लिया और फिर ट्रक से जा टकराई। इस घटना में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने चालक की जमकर पिटाई कर दी और शवों को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की सलाह के बाद देर शाम जाम खुल सका।
हालांकि, सोमवार को जैसे ही पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचे, ग्रामीणों का आक्रोश फिर भड़क उठा। सुबह करीब 10 बजे से लोगों ने टायर जलाकर हाईवे जाम कर दिया।
इस दौरान दोनों ओर करीब 10 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। मालवाहक और यात्री वाहन तो फंसे ही, कई एम्बुलेंस भी जाम में अटक गईं, हालांकि उनमें कोई मरीज नहीं था।
सूचना मिलते ही एसडीएम फागेश सिन्हा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मुआवजा, 30 दिनों के भीतर चालान पेश करने, हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसी मांगें रखीं। करीब पांच घंटे की मशक्कत और आश्वासन के बाद दोपहर तीन बजे चक्काजाम खत्म कराया जा सका।
गौरतलब है कि हादसे में जान गंवाने वाली रामबाई (50), मुन्नी बाई (40) और श्यामपति (35) एक ही परिवार की थीं। तीनों रविवार दोपहर घर से बाजार के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौट सकीं। इस दर्दनाक घटना से जोगीबांध गांव में मातम पसरा है। तीनों का अंतिम संस्कार सोमवार को कर दिया गया है।











