सोनभद्र। पिछले कई दिनों के बाद इन्द्रदेव मेहरबान हुए हैं। अन्य क्षेत्रों में हो रही बरसात की खबर सुन इस इलाके के किसान मायुस और निराश थे। लेकिन गुरूवार को हुई बारिश से इनके चेहरे खिल गये। हालांकि यह पानी बाधित धान की रोपाई के लिए कारगर नहीं है। इससे रोपे गये धान के पौधे को कुछ हद तक फायदा जरूर पहुंचा है। उमस से भी राहत मिली है। मौसम भी खुशनुमा सा हो गया है। किसान भारी बरसात की उम्मीद में आसमान की ओर निगाहें फैलाये हुए है।
बताते चलें कि मौसम विभाग के मुताबिक गुरूवार की दोपहर मौसम अचानक बदल गया और शुरू हो गयी बारिश। यह पानी बोई गई खरीफ फसलों के साथ ही रोपित धान के पौधे के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। खेतो में फटी दरारें भी कुछ हद तक पट गयी। गलियों, सड़कों तथा क्यारियों में पानी दिखने लगा। उमस से भी कुछ राहत मिल गयी। धान की फसल पीली होते देख तमाम साधन सम्पन्न किसान सिंचाई करने में जुट गये थे। किन्तु साधन विहिन किसान भगवान भरोसे थे। जिन्हे भी इन्द्रदेव ने फिलहाल राहत पहुुंचा दिया। आसमान में छाये बादलों की तरफ अन्नदाता इस आस में टकटकी लगाये हुए हैं कि ऐसी बरसात हो जाये जिससे चारों तरफ पानी ही पानी दिखने लगे। ताल पोखरे पानी से लबालब हो जायें और किसानों की पानी के अभाव में बाधित धान की रोपाई पूरी हो सके। देखना है कि मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान सोनभद्र जिले के इस इलाके के लिए किमना सही साबित होता है। क्योंकि अगामी 16 अगस्त तक यहां भारी बारिश को लेकर अलर्ट किया गया है। जबकि समाचार लिखे जाने तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
इन्द्रदेव हुए मेहरबान, किसानों के लिखे चेहरे
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