ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए पंचायतों में अधूरे विकास कार्य, लंबित भुगतान और संभावित वित्तीय विवादों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों और संबंधित अधिकारियों को 25 मई तक स्वीकृत विकास कार्य पूर्ण कराने तथा भुगतान संबंधी मामलों का समय रहते निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायतों में केवल वही कार्य कराए जाएं, जिनके लिए पंचायत खातों में धनराशि उपलब्ध है। बिना बजट अथवा उपलब्ध राशि से अधिक कार्य कराए जाने की स्थिति में उत्पन्न होने वाले विवादों की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर तय की जाएगी। डीपीआरओ ने चेतावनी दी प्रशासन ने भुगतान विवादों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। डीपीआरओ ने चेतावनी दी है कि यदि ग्राम पंचायत खाते में उपलब्ध धनराशि से अधिक कार्य कराया गया या भुगतान को लेकर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न हुआ तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। इसे लेकर पंचायत स्तर पर वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। निर्देशों में ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक और संबंधित कर्मचारियों के समन्वय से लंबित कार्यों और अभिलेखों के निस्तारण पर भी बल दिया गया है, ताकि कार्यकाल समाप्ति के बाद शिकायत, बकाया भुगतान या विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। भुगतान निपटाने की कवायद शुरू प्रशासनिक सख्ती के बाद जनपद की पंचायतों में हलचल तेज हो गई है। कई ग्राम पंचायतों में अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने और लंबित भुगतान निपटाने की कवायद शुरू हो गई है। सचिवों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बैठकों का दौर भी तेज हो गया है, जिससे कार्यकाल समाप्ति से पहले सभी विकास कार्य, भुगतान प्रक्रिया और अभिलेखीय औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
पंचायतों में प्रशासनिक हलचल तेज:सिद्धार्थनगर में 25 मई तक विकास कार्य पूरे करने के निर्देश
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