झांसी। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अधिवक्ता ने अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई और लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पीड़ित अधिवक्ता ने जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष समेत 05 लोगों पर गाली गलौज कर मारपीट करने का आरोप लगाया था। देर शाम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता ईशान मिश्रा 16 मई 2026 को थाना नवाबाद में मारपीट की घटना को लेकर तहरीर दे चुके हैं। उनका आरोप था कि जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे समेत करीब आधा दर्जन लोगों ने उनके साथ गालीगलौज व मारपीट की थी।
लेकिन पुलिस ने आज तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिससे वह काफी आक्रोशित थे। इसी नाराजगी के चलते सोमवार को वह कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके हाथ में एक बोतल थी, जिसमें ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था। देखते ही देखते उन्होंने वह पदार्थ अपने शरीर पर डाल लिया।
हालांकि, इससे पहले कि अधिवक्ता कोई आत्मघाती कदम उठाते, वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया और सुरक्षित हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हो सकी।
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस अधिवक्ता को सुरक्षा घेरे में लेकर पूछताछ की। वहीं अधिवक्ता की मांग है कि उनके साथ हुई मारपीट के मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा ने पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया था। पुलिस ने पूरे मामले की जांच के बाद अध्यक्ष समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
देर शाम थाना नवाबाद प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।











