श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे की अंजुमन हुसैनिया का काफिला गुरुवार, 6 रबी-उल-अव्वल को बहराइच जिले के नगरौर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ‘मजलिस-ए-सैयद-उश-शोहदा व जुलूस-ए-अमारी’ में शामिल होने के बाद सकुशल लौट आया। काफिला रात 8:30 बजे नासिरगंज पहुंचा। इससे पहले, अंजुमन हुसैनिया के अज़ादार दोपहर 1:10 बजे करीब 30 किलोमीटर का सफर तय कर नगरौर पहुंचे थे। वहां उन्होंने बड़ा इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस में शिरकत की। इस मजलिस को मौलाना सय्यद अली इमाम नकवी (जयपुर) ने संबोधित किया। ज़ोहरैन की नमाज़ के बाद ऐतिहासिक जुलूस-ए-अमारी निकाला गया, जिसमें अलम, ताबूत और अमारी की ज़ियारत कराई गई। इस दौरान अंजुमन हुसैनिया नासिरगंज के नौहाख्वानों और अज़ादारों ने अन्य अज़ादार तंजीमों के साथ मिलकर नौहे पढ़े और सीनाज़नी (मातम) कर अकीदत का पुरसा पेश किया। जुलूस और मजलिस संपन्न होने के बाद अंजुमन का काफिला नासिरगंज के लिए रवाना हुआ और रात ठीक 8:30 बजे अपने निवास स्थान पहुंचा। नासिरगंज लौटने पर स्थानीय मोमिनीन और संभ्रांत नागरिकों ने अंजुमन के पदाधिकारियों और अज़ादारों का स्वागत किया। उन्होंने अज़ादारी की परंपरा को जीवित रखने के उनके प्रयासों की सराहना की।
अंजुमन हुसैनिया नासिरगंज सकुशल लौटी:नगरौर के ‘जुलूस-ए-अमारी’ में पुरसा पेश कर हुई वापसी
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