लखीमपुर-खीरी,01 जून(तरूणमित्र)। जनपद को मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से मुक्त बनाने के लिए 01 जून से 30 जून तक विशेष ‘मलेरिया रोधी माह’ अभियान चलाया जा रहा है। “मलेरिया को समाप्त करने का संकल्प—अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” की थीम पर आधारित इस अभियान के तहत जिले की 10 प्रतिशत आबादी की मलेरिया जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ0 संतोष गुप्ता ने सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ0 संतोष गुप्ता ने बताया कि इस पूरे महीने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम जनता के बीच व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके लिए रैलियां,बैठकें,गोष्ठियां, पैम्फलेट वितरण और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। अभियान के तहत बुखार से पीड़ित हर मरीज की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी। यदि कोई मरीज मलेरिया पॉजिटिव (धनात्मक) पाया जाता है,तो उसे तुरंत पूरा इलाज दिया जाएगा और आशा कार्यकर्ता द्वारा उस रोगी की पूरी देखरेख (फॉलो-अप) की जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में मलेरिया का मरीज मिलता है, तो पीड़ित के परिवार और उसके आसपास के 50 घरों का तत्काल सर्वे किया जाएगा। वहां बुखार के अन्य मरीजों की खोज,मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान और उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के इलाज की पूरी निगरानी ‘मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड’ (MTC) के जरिए होगी। हर रविवार को सार्वजनिक स्थलों पर “हर रविवार, मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” और “हमने ठाना है,मलेरिया मिटाना है” जैसे नारों के साथ सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही आशा, एएनएम और सीएचओ को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
जिले में मलेरिया और डेंगू के घटते आंकड़े….
स्वास्थ्य विभाग के मुस्तैद प्रयासों के चलते जनपद में मलेरिया और डेंगू के मामलों में लगातार कमी आई है:
वर्ष 2024: मलेरिया के 614 और डेंगू के 305 मामले सामने आए थे।
वर्ष 2025: मलेरिया के मामले घटकर 445 और डेंगू के 68 रह गए।
वर्ष 2026 (अब तक): इस साल अब तक मलेरिया के केवल 22 और डेंगू के मात्र 04 मामले ही दर्ज हुए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी हरि शंकर ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक देश से मलेरिया को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जरूरी है कि हर इलाके में मलेरिया के स्थानीय मामलों को शून्य किया जाए और लगातार 3 वर्षों तक यह स्थिति शून्य बनी रहे। इसी को ध्यान में रखकर यह अभियान चलाया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी की टीम किसी भी मरीज के मिलने पर 24 से 48 घंटे के भीतर वहां निरोधात्मक कार्रवाई पूरी कर लेती है।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के पास, कूलर, टायर और गमलों में पानी जमा न होने दें। स्कूलों, ग्राम सभाओं और धार्मिक स्थलों पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, क्योंकि जनसहभागिता के बिना मलेरिया उन्मूलन का यह लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।












