श्रावस्ती में भाजपा जिला अध्यक्ष मिश्रीलाल वर्मा की अगुवाई में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शिरकत की। उन्होंने इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को संबोधित करते हुए नारी सशक्तिकरण, राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और उनके अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की। मीडिया से बातचीत में अपर्णा यादव ने कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति बिल का समर्थन नहीं किया, जबकि यह महिलाओं को राजनीति में आगे लाने का एक ऐतिहासिक प्रयास था, न कि कोई चुनावी स्टंट। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की नारी सब कुछ देख और समझ रही है। वह अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक है और 21वीं सदी की महिलाएं अन्याय को माफ नहीं करेंगी।
अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि राजनीति में आना या न आना किसी महिला का व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है। हालांकि, प्रदेश की महिलाएं यह भली-भांति जानती हैं कि उन्हें कहां और कैसे अपनी भूमिका निभानी है। उन्होंने बताया कि पुरुष प्रधान क्षेत्रों में भी महिलाओं ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण दिया, जिसमें दो महिलाओं ने नेतृत्व कर सफलता हासिल की। इसके अतिरिक्त, विज्ञान सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो नारी शक्ति का प्रमाण है। सम्मेलन में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में नारी सशक्तिकरण का संदेश देने का आह्वान किया गया।
अपर्णा यादव ने नारी शक्ति बिल पर दिया बयान:श्रावस्ती में बोली- यह चुनावी स्टंट नहीं, महिलाओं को आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक कदम
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