महाराजगंज में 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित पूर्व-भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जनवरी 2026 को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों के कुल 450 युवाओं और युवतियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण का समापन समारोह समवाय सोनौली और समवाय ठूठीबारी, दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, महाराजगंज के द्वितीय कमान अधिकारी नरेश कुमार जांगिड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी, जवान, प्रशिक्षक, स्थानीय नागरिक और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। मुख्य अतिथि नरेश कुमार जांगिड ने युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। यह पहल युवाओं को केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सक्षम, आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुई है। कार्यक्रम को और प्रेरणादायक बनाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार हुआ।
सशस्त्र सीमा बल का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न: 450 युवाओं को केंद्रीय बलों में भर्ती के लिए किया गया तैयार – Bahuar(Nichlaul) News
महाराजगंज में 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित पूर्व-भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जनवरी 2026 को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों के कुल 450 युवाओं और युवतियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण का समापन समारोह समवाय सोनौली और समवाय ठूठीबारी, दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, महाराजगंज के द्वितीय कमान अधिकारी नरेश कुमार जांगिड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी, जवान, प्रशिक्षक, स्थानीय नागरिक और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। मुख्य अतिथि नरेश कुमार जांगिड ने युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। यह पहल युवाओं को केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सक्षम, आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुई है। कार्यक्रम को और प्रेरणादायक बनाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार हुआ।






































