प्रयागराज। ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। यह याचिका आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ कोर्ट की जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए दायर की थी।
हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुक्तानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने कहा कि यदि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो याचिकाकर्ता के पास इस अदालत की ओर से दी गई अग्रिम जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन दाखिल करने का वैधानिक उपाय उपलब्ध है।
इससे पहले न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने इस अवमानना याचिका पर सुनवाई से स्वयं को यह कहते हुए अलग कर लिया था कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने मामला न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत को सौंप दिया था।
उल्लेखनीय है कि आशुतोष महाराज ने प्रयागराज में पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत देते समय लगाई गई शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सभाएं कर रहे हैं और सार्वजनिक बयान दे रहे हैं, जो काेर्ट के आदेश का उल्लंघन है।












