बख्शी का तालाब। के थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगवामऊ गांव में पर्यावरण संरक्षण के दावों को ठेंगा दिखाते हुए हाईवे के किनारे स्थित आम के लहलहाते बाग पर लकड़ी ठेकेदारों ने बेरहमी से आरा चलाकर दर्जनों पेड़ों को जमींदोज कर दिया। जिसकी वजह से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि, यह अवैध कटान पिछले दो दिनों से बेखौफ जारी था। आरोप है कि, यह पूरा खेल लकड़ी ठेकेदारों, वन विभाग और स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत से खेला जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि, प्रतिबंधित प्रजाति होने के बावजूद आम के पेड़ों को दिनदहाड़े काटा गया, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर इसे रोकने की जहमत नहीं उठाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि, अपराधियों को ऊपर से संरक्षण प्राप्त है।
नगवामऊ के ग्रामीणों ने बताया कि, हाईवे किनारे के ये बाग न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाते थे, बल्कि पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण थे। पेड़ों की कटाई से नाराज लोगों का कहना है कि, यदि इसी रफ्तार से हरियाली खत्म होती रही, तो आने वाले समय में क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि, यदि दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने लखनऊ प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यह भी देखा जाए कि , पेड़ों को काटने की अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि अनुमति नहीं थी, तो ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित बीट अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।












