सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र के बढ़नी स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इंटर कॉलेज, भारत भारी स्थित सरस्वती इंटर कॉलेज और अल ईमान इंटर कॉलेज में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। यह वैक्सीनेशन कार्यक्रम सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) और एएनएम (ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ) द्वारा संचालित किया जा रहा था। बेवा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने इस कार्यक्रम का निरीक्षण किया। डॉ. चौधरी ने बताया कि एचपीवी संक्रमण महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का एक प्रमुख कारण है। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसके लगभग 95 प्रतिशत मामले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि सही समय पर टीकाकरण से इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में हर साल हजारों महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है। इस बीमारी को जागरूकता और समय पर वैक्सीनेशन के माध्यम से रोका जा सकता है। अधीक्षक ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि एचपीवी वैक्सीन 14 वर्ष की आयु में सबसे अधिक प्रभावी होती है। इसलिए, इस आयु वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाना आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। इस कार्यक्रम में केशव कुमार, राजेश कुमार, दुर्गेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बढ़नी के कॉलेज में एचपीवी क्सीनेशन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम:सीएचसी अधीक्षक ने सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण पर जोर दिया, 14 वर्ष की आयु में वैक्सीन जरुरी
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