उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से नेपाल बॉर्डर पर कवरेज करने गए पत्रकारों के साथ वहां की पुलिस ने बुरा व्यवहार किया है। नेपालगंज-जमुनहा बॉर्डर पर रिपोर्टिंग के दौरान बालेन शाह की पुलिस ने भारतीय मीडिया कर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ काफी बदसलूकी की और सख्ती से पेश आए।
लखनऊ के पत्रकार नंदन और उनके साथी जब नेपालगंज-जमुनहा बॉर्डर पर पहुंचे और वहां की स्थिति दिखा रहे थे तभी नेपाल पुलिस के जवानों ने उन्हें घेर लिया। भारतीय मीडिया को देखते ही वहां तैनात पुलिसकर्मी काफी भड़क गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। पुलिस का गुस्सा इस बात पर था कि भारतीय पत्रकार वहां बिना किसी आधिकारिक अनुमति के रिपोर्टिंग क्यों कर रहे हैं।
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अनुमति को लेकर पुलिस ने किया परेशान
वहां मौजूद पुलिसवाले पत्रकारों से बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे थे कि क्या आपने नेपाल की सीमा में आने और यहां कैमरा चलाने के लिए इजाजत ली थी। पत्रकार नंदन ने बार-बार पुलिस को समझाने की कोशिश की और सफाई दी कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी, अगर पता होता तो वह बिना अनुमति के काम नहीं करते। पत्रकार के बार-बार विनती करने और अपनी बात रखने के बाद भी नेपाल की पुलिस टस से मस नहीं हुई और लगातार उनसे परमिशन के लिए बोलती रही।
उत्तर प्रदेश के जितने भी जिले नेपाल की सीमा से लगे हुए हैं वहां के निवासियों का कहना है कि जब भी वे सीमा पार जाते हैं तो उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भारतीय नागरिकों को वहां अपमानित किया जा रहा है।
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रिश्तों को बचाने की जरूरत
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को देखकर लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि भारत और नेपाल हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं लेकिन अब जो हो रहा है वह ठीक नहीं है। नेपाल एक दोस्ती वाला देश है, इसलिए बालेन शाह को इस मामले में बीच-बचाव करना चाहिए। सीमा पर फिर से वही पुराना भाईचारा और शांति वापस आनी चाहिए।












