लखनऊ । सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत काम कर रहे केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मादक और मनो-सक्रिय दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं।
जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 को सीबीएन के बरेली डिवीजन और ग्वालियर मुख्यालय के दिल्ली सेल की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की। टीम ने सोनीपत के पास मेरठ–खरखोदा राजमार्ग पर एक संदिग्ध कार को रोका, जिसमें एक व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के नशीली दवाओं की खेप लेकर जा रहा था।
तलाशी के दौरान वाहन से कुल 8,800 एनआरएक्स टैबलेट और 1,269 कोडीन फॉस्फेट सिरप की बोतलें बरामद की गईं। जब्त दवाओं में 2,600 क्लोनाज़ेपम टैबलेट (लगभग 0.599 किलोग्राम) और 6,200 ट्रामाडोल टैबलेट (लगभग 1.891 किलोग्राम) शामिल हैं।
बरामद की गई दवाएं नशीले और प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं, जिनका अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। इस मामले में आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया गया है।
सीबीएन अधिकारियों ने बताया कि जब्त सामग्री के स्रोत और गंतव्य की जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के अवैध व्यापार में कौन-कौन शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ सीबीएन की लगातार सख्ती को दर्शाती है। उत्तर प्रदेश इकाई ने इस वर्ष अब तक छह बड़ी जब्तियां की हैं और कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीएन का कहना है कि “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि अवैध नशीले पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।












