लखनऊ। बिजनौर के बल सिंह खेड़ा निवासी आदित्य प्रकाश ने प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने शिवगढ़ रिसॉर्ट, मस्तीपुर निवासी आशुतोष यादव, बिजनौर के जीतू उर्फ गीतू और सुजीत चौरसिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आदित्य प्रकाश के अनुसार, वह प्लॉट खरीदने के लिए राजधानी इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय गए थे। वहां आशुतोष यादव ने खुद को कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि और एक राजनीतिक दल का नेता बताते हुए उन्हें बिजनौर परगना स्थित भूमि का प्लॉट दिलाने का झांसा दिया।
आरोप है कि 22 अक्टूबर 2020 को आशुतोष यादव, विक्रेता जीतू उर्फ गीतू और कंपनी कर्मचारी सुजीत चौरसिया ने मिलकर आदित्य प्रकाश को 1400 वर्गफीट जमीन का बैनामा करा दिया। हालांकि, उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं दिया गया। पीड़ित को खसरा संख्या बदलकर दूसरी भूमि पर कब्जा दिया गया, जो बाद में अवैध निकली। दो वर्ष बाद, आरोपियों ने आदित्य प्रकाश पर जमीन खाली करने का दबाव बनाया।
उन्होंने पैसा वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन न तो रकम लौटाई और न ही वैध जमीन दी। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे धमकियां भी दीं। परेशान होकर पीड़ित ने डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की। डीसीपी दक्षिणी के आदेश पर बिजनौर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।












