सिद्धार्थनगर में खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। कृषि विभाग ने ‘पहले आओ-पहले पाओ’ व्यवस्था को समाप्त कर अब ई-लॉटरी प्रणाली लागू कर दी है। इस नई डिजिटल प्रक्रिया से सीमित संसाधनों के वितरण में होने वाली असमानता और शिकायतों पर अंकुश लगेगा। उप कृषि निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, दलहन-तिलहन कार्यक्रम और आईडीपी-चावल जैसी योजनाओं के तहत प्रमाणित बीज और मिनीकिट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य उन्नत बीज देकर उत्पादन बढ़ाना और लागत घटाना है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद होगी लॉटरी से चयन नई व्यवस्था के तहत किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और बीज बुकिंग करनी होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहेगी। इसके बाद पात्र किसानों में ई-लॉटरी के जरिए चयन होगा और चयनित किसानों को तय वितरण केंद्रों से बीज मिलेगा। पक्षपात खत्म करने की कोशिश अधिकारियों के अनुसार ई-लॉटरी प्रणाली का मकसद हर पात्र किसान को समान अवसर देना है। पहले की व्यवस्था में जानकारी के अभाव और तकनीकी दिक्कतों के कारण कई किसान वंचित रह जाते थे, जिसे अब दूर करने का प्रयास किया गया है। 10 मई तक करें आवेदन कृषि विभाग के अनुसार बीज बुकिंग 22 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 10 मई तय की गई है। किसान विभाग की वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें और जरूरत पड़ने पर मदद भी दें। समय पर बीज मिलने से बढ़ेगा उत्पादन विभाग का मानना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से खरीफ फसलों की बुवाई समय से होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। साथ ही डिजिटल सिस्टम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी आसान हो जाएगी। किसानों से अपील: अंतिम तिथि से पहले करें आवेदन कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कर नई व्यवस्था का लाभ उठाएं, ताकि खरीफ सीजन में किसी तरह की परेशानी न हो।
सिद्धार्थनगर में बीज वितरण का बदला सिस्टम:अब ‘पहले आओ-पहले पाओ’ खत्म; ई-लॉटरी से मिलेगा बीज, 22 अप्रैल से शुरू आवेदन
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