Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)टीबी और एचआईवी पीड़ित बच्चे एक ही वार्ड में भर्ती:मेडिकल कॉलेज अस्पताल...

टीबी और एचआईवी पीड़ित बच्चे एक ही वार्ड में भर्ती:मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही, संक्रमण का खतरा बढ़ा

#बस्ती_न्यूज

महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक अस्पताल कैली के बाल रोग विभाग में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सामान्य बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के साथ टीबी (तपेदिक) और एचआईवी जैसे संक्रामक रोगों से पीड़ित बच्चों को एक ही वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। यह स्थिति अन्य बच्चों के लिए संक्रमण का गंभीर जोखिम पैदा कर रही है। अस्पताल में पेट दर्द, गैस, बुखार और लूज मोशन जैसी सामान्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों के साथ टीबी और दो एचआईवी पीड़ित बच्चों को एक ही जगह रखा गया था। विशेषज्ञों ने इस पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि एक ही वार्ड में अलग-अलग संक्रामक रोगों से पीड़ित बच्चों को रखने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ओपेक अस्पताल कैली को अप्रैल 2019 में मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिला था, जिसके बाद बाल रोग विभाग में बिस्तरों की संख्या सीमित कर दी गई। इसी कारण सामान्य और गंभीर मरीजों को एक ही जगह भर्ती किया जा रहा है। हालांकि, पुरानी बिल्डिंग के आधे वार्ड अभी भी खाली पड़े हैं। सीएमएस डॉ. समीर श्रीवास्तव ने बताया कि पुरानी इमरजेंसी का नवीनीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही मरीजों को अलग-अलग वार्डों में रखा जाएगा। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ विभागाध्यक्ष डॉ. अल्का शुक्ला ने कहा कि मरीजों को एक साथ रखना विभाग की मजबूरी है। जगह मिलने पर ही विस्तार संभव हो पाएग
#बस्ती न्यूज़ टुडे

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments