सिद्धार्थनगर के इटवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत अहिरौली पंडरी स्थित सुप्रसिद्ध पडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय श्री रूद्र महायज्ञ का गुरुवार को समापन हो गया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। महायज्ञ के सातवें दिन अवध धाम से पधारे कथा व्यास राकेश शास्त्री महाराज ने सुदामा चरित का वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की निःस्वार्थ मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भक्ति में धन-दौलत नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और समर्पण की आवश्यकता होती है। शास्त्री महाराज ने बताया कि भगवान अपने भक्त में कभी भेद नहीं करते और सुदामा की दीनदशा देख द्वारिकाधीश का व्याकुल होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कथा के दौरान वृंदावन से आए विख्यात झांकी कलाकारों ने सुदामा चरित की जीवंत झांकी प्रस्तुत की। श्री कृष्ण और सुदामा के मिलन के दृश्य को देखकर पंडाल ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद कलाकारों और श्रद्धालुओं ने भव्य फूलों की होली खेली, जिससे मंदिर प्रांगण दिव्य सुगंध और रंगों से भर गया। इस अवसर पर यज्ञाचार्य अंशु महाराज, भाजपा नेता चिंकू यादव, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि यसवीर सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कसौधन, तिलक राम यादव, बब्लू पाण्डेय, जगरनाथ पाण्डेय, चंद्र भान, नैन कुमार, जितेंद्र, बॉलिंन्द्र, बब्लू गिरी, विकास गिरी, अन्नू गिरी सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
अहिरौली पंडरी में रुद्रा महायज्ञ का समापन:कथा व्यास ने सुनाया सुदामा चरित, कृष्ण-सुदामा मित्रता की झांकी
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