हरदी थाना क्षेत्र के भिरवा गांव में आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान कथावाचकों को बंधक बनाए जाने का आरोप सामने आया है। कथावाचकों का कहना है कि रामकथा के स्थान पर बौद्ध कथा सुनाने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर अभद्रता की गई। जानकारी के अनुसार, भिरवा गांव निवासी कमलेश के घर भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इसमें योगेश गौतम द्वारा सीतापुर निवासी कथावाचक रितिक तिवारी को उनके साथ पुजारी अंकित, ढोलक वादक अजय और भंडारी पिंकू के साथ कथा वाचन के लिए बुलाया गया था। कथावाचकों का आरोप है कि एक दिन कथा संपन्न होने के बाद अगले दिन कमलेश, योगेश गौतम, प्रदीप गौतम समेत कुछ अन्य लोगों ने रामकथा के बजाय बौद्ध कथा सुनाने का दबाव बनाया। मना करने पर उन्हें धमकाया गया और बंधक बना लिया गया। कथावाचक रितिक तिवारी के अनुसार, वह किसी तरह एक साथी के साथ वहां से निकलकर अगले दिन थाना हरदी पहुंचे और अन्य साथियों को छुड़ाने के लिए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। वहीं, थानाध्यक्ष आलोक सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप निराधार प्रतीत हो रहे हैं, फिर भी मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
भिरवा में भागवत कथा में विवाद:कथावाचकों को बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
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