जनपद के पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता सामान्य होने के बावजूद आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन की सख्ती के कारण अब कैंपर या डिब्बों में ईंधन नहीं दिया जा रहा है, जिससे कई वर्गों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या उन परिवारों के लिए विशेष रूप से गंभीर है जिनके यहां शादी-विवाह या अन्य मांगलिक कार्यक्रम हैं। जनरेटर चलाने के लिए आवश्यक डीजल न मिलने से उन्हें भारी असुविधा हो रही है, क्योंकि जनरेटर को पेट्रोल पंप तक ले जाकर ईंधन भरवाना संभव नहीं होता। किसानों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। खेतों की सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले पंपिंग सेट को पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं है, जिससे उन्हें डीजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। एक किसान कुलदीप ने पेट्रोल पंप पर डिब्बे में डीजल लेने का प्रयास किया। उन्होंने पंप संचालक मुन्ना सिंह से पंपिंग सेट के लिए डीजल देने का आग्रह किया, लेकिन पंप मालिक ने प्रशासनिक निर्देशों का हवाला देते हुए मना कर दिया। पंप संचालक के अनुसार, जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पत्र जारी कर कैंपर और डिब्बों में ईंधन न देने का निर्देश दिया है। इसी प्रशासनिक निर्देश के कारण वे कैंपर या डिब्बों में पेट्रोल-डीजल नहीं दे सकते, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है। यह निर्देश पिछले दिनों हुई पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी को रोकने के लिए जारी किए गए हैं। कई जगहों पर पेट्रोल ₹200 प्रति लीटर और डीजल ₹150 प्रति लीटर तक बेचा जा रहा था। इस स्थिति से आमजन, किसान और कार्यक्रम आयोजक सभी प्रभावित हो रहे हैं। बहराइच जनपद के किसान अब मजबूरन पड़ोसी जिलों जैसे बाराबंकी और सीतापुर से डीजल लाकर अपने खेतों में गन्ने की सिंचाई और गेहूं की मड़ाई कर रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर भीड़ घटी, ईंधन संकट जारी:कैंपर में तेल न मिलने से बढ़ी आम लोगों की परेशानी
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












