लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि उ०प्र० राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा यात्री राहत योजना 13 फरवरी 2016 से लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत किसी बस दुर्घटना में किसी चालक/परिचालक की मृत्यु होने की दशा में एवं निगम कर्मियों की भी किसी कारणों से मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रित को आर्थिक राहत प्रदान करने का प्राविधान किया गया है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के प्राविधानों में संशोधन किया गया है। नए प्राविधानों के तहत निगम में कार्यरत नियमित, संविदा तथा आउटसोर्स कार्मिक जिनकी कार्यरत रहने के दौरान किन्ही भी कारणों से मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे कार्मिकों के आश्रितों को अंतिम संस्कार हेतु तत्काल 20000/- (रु० बीस हजार मात्र) रुपए की सहायता निगम आय से किया जायेगा और उस धनराशि का समायोजन यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना से किया जायेगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों/ कार्मिकों के लिए दिनों दिन बेहतर एवं उत्कृष्ट सुविधाये प्रदान किये जाने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला कार्मिकों के हितों को ध्यान में रख कर लिया गया है।












