श्रावस्ती में युवक का शव तीन महीने बाद नेपाल के जंगल में मिला है। शव रविवार को गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों के अनुसार सकटू यादव फरवरी महीने में अचानक घर से लापता हो गए थे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो 2 फरवरी को उनकी पत्नी Savitri Devi ने मल्हीपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन तीन महीने तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी
नेपाल के जंगल में पेड़ से लटका मिला शव 13 मई को नेपाल के बांके जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के जंगल में एक पेड़ से पुराना शव बरामद हुआ। शव बुरी तरह सड़-गल चुका था और लगभग कंकाल जैसी स्थिति में था। नेपाल पुलिस ने पहचान के लिए शव की तस्वीरें साझा कीं। इसके बाद परिजनों ने हाथ पर बने टैटू और टी-शर्ट के आधार पर शव की पहचान सकटू यादव के रूप में की। नेपाल पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। पूरे मामले की जांच नेपाल पुलिस कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। मजदूरी कर चलाता था परिवार ग्रामीणों के मुताबिक सकटू यादव बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और आर्थिक संकट भी बढ़ गया है।












