एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) सिर्फ देशभर में छापों और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान ही नहीं छेड़े हुए है, बल्कि पीड़ितों को उनके पैसे लौटाने का भी काम कर रही है। फाइनेंशियल क्राइम जांच एजेंसी के ताजा आंकड़ों में सामने आया है कि ईडी ने पीड़ितों को 63,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां लौटाई हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी अबतक प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत 2.36 लाख करोड़ रुपये अटैच कर चुकी है। यह लौटाई गई रकम का लगभग 27 फीसदी है।
एजेंसी ने बड़ी कार्रवाईयों में विजय माल्या से 14,131 करोड़, पर्ल ग्रुप से 15,582 करोड़, स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड जांच से 9,811 करोड़, मेहुल चोकसी से 2,565 करोड़ और नीरव मोदी से 1,112 करोड़ रुपये अटैच करके पैसे का एक बड़ा हिस्सा लोगों और बैंकों को लौटाया है।
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ताकि आरोपी संपत्तियों को बेचे ना
ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक, ‘पिछले कुछ सालों से PMLA के तहत संपत्ति को अटैच करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आरोपी इन संपत्तियों को बेच न सकें। इसके जरिए बैंकों, NBFCs, प्रोफेशनल्स के साथ मिलकर संपत्ति को वापस करने का काम किया जा रहा है।’
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कब कितनी धनराशि वापस की गई?
ईडी ने 2019 से पीड़ितों को अटैच की गई संपत्ति को लौटाने का काम शुरू किया है। एजेंसी ने PMLA के सेक्शन 8 के तहत मिलने वाली वापसी सबसे पहले 2019-20 में बैंकों और दूसरे पीड़ितों को कुल 1,613 करोड़ की संपत्ति वापस की। इसके बाद, 2021-22 में 13,517, 2023-24 में 71 करोड़, 2024-25 में 15,263 करोड़ और 2025-26 में 33,000 करोड़ की संपत्ति वापस की गईं।
अधिकारियों ने कहा कि ईडी का लक्ष्य इस साल के आखिर तक अटैच की गई संपत्ति का लगभग 40 से 50 फीसदी वापस करना है।












