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पैमाइश के बाद भी नहीं थमा जमीन विवाद:’निर्माण रोका, जान से मारने की धमकी दी’, पीड़ित ने की कार्रवाई की मांग

#बस्ती_न्यूज

राजस्व विभाग की पैमाइश और दोनों पक्षों की मौजूदगी में सीमांकन होने के बाद भी बस्ती जिले के बहादुरपुर विकासखंड के ग्राम बेइली में जमीन विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। गांव निवासी हैदर अली ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को जबरन रोका जा रहा है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने पूरे मामले में उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पैतृक जमीन पर निर्माण रोकने का आरोप हैदर अली का आरोप है कि महमूद हसन (ग्राम दुल्हापार, संतकबीरनगर) और अब्दुल कलीम (ग्राम अमिलहा, बस्ती) उनकी पैतृक भूमि पर किए जा रहे निर्माण कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उनका कहना है कि राजस्व विभाग की पैमाइश के बावजूद निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पैमाइश में क्या निकला? विवाद बस्ती-टांडा-अंबेडकर नगर मार्ग स्थित ग्राम पंचायत बेइली में एकता मैरिज हॉल के बगल की भूमि से जुड़ा है। पीड़ित के अनुसार, गाटा संख्या 841 और 842 की पैमाइश 5 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की सहमति से राजस्व टीम ने कराई थी। इस दौरान ग्राम प्रधान और ग्रामीण भी मौजूद थे। पैमाइश में बैनामे की बची हुई भूमि की स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी। सड़क चौड़ीकरण के बाद बदला भूमि का स्वरूप हैदर अली के अनुसार, गाटा संख्या 842 की भूमि का बैनामा पहले महमूद हसन के नाम हुआ था, लेकिन बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण में उसका एक हिस्सा अधिग्रहित हो गया, जिसका मुआवजा संबंधित बैनामेदार को मिल चुका है। अब शेष बची भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। ‘गलत शिकायत कर अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा’ पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी पैतृक भूमि पर निर्माण शुरू किया तो उसे जबरन रुकवा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष जिलाधिकारी को भ्रामक शिकायतें देकर प्रशासन को गुमराह कर रहा है, जिससे उनके वैध निर्माण कार्य में लगातार बाधा आ रही है। ग्राम प्रधान और लेखपाल का भी आया पक्ष ग्राम प्रधान शेर मोहम्मद ने दावा किया कि पैमाइश के दौरान स्थिति स्पष्ट हो चुकी थी। उनका आरोप है कि सही बात कहने पर उन्हें भी धमकी दी गई। वहीं, हल्का लेखपाल सरिता वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर पैमाइश कराई गई थी और पीड़ित द्वारा कराया जा रहा निर्माण पैमाइश के अनुरूप बताया गया। प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग हैदर अली ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और अपनी पैतृक भूमि पर बिना बाधा निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोप एक पक्ष के दावे हैं। संबंधित आरोपों पर दूसरे पक्ष का विस्तृत जवाब या प्रशासन का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। प्रशासन की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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