लखीमपुर-खीरी,19 मई(तरूणमित्र)। रोडवेज बसों का बढ़ता किराया अब आम यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग कम किराए और जल्दी पहुंचने के लालच में प्राइवेट बसों, मैजिक, टेंपो व अन्य छोटे वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं। लखीमपुर से लखनऊ तक रोडवेज बस का किराया करीब 202 रुपये है, जबकि इसी रूट पर प्राइवेट बसें यात्रियों को 120 से 140 रुपये में सफर करा रही हैं। किराए में इस बड़े अंतर के चलते अधिकांश यात्री निजी वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी तरह लखीमपुर से गोला, सिसैया रूट पर भी बड़ी संख्या में प्राइवेट बसें और छोटी गाड़ियां धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इनमें कई वाहन ऐसे हैं जिनकी हालत बेहद खराब है, फिर भी यात्रियों को भरकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। जल्दी सवारी भरने और कम समय में अधिक चक्कर लगाने की होड़ में चालक ओवरस्पीड वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
हाल के सड़क हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभाग इन निजी वाहनों की फिटनेस, परमिट और स्पीड की जांच को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा। आरोप है कि तमाम जर्जर और नियमों की अनदेखी कर चल रहे वाहन बिना किसी रोकटोक के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रोडवेज बसों का किराया संतुलित किया जाए और पर्याप्त बसें चलाई जाएं तो यात्री सुरक्षित सफर को प्राथमिकता देंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड और फिटनेस विहीन प्राइवेट वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए ताकि आए दिन हो रहे सड़क हादसों पर रोक लग सके।












