भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे किसानों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार को किसानों की चिंताओं को दूर करने के मकसद से तीन बड़े फैसलों की घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए मंत्री समूह का गठन किया था। इस समूह की किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ 29 जुलाई को मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में कई किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि आज किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत खरीद किया जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आता है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले।
इससे पहले आज दिन में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए थे। किसानों की मांग है कि मूंग दाल की पूरी फसल सरकार MSP पर खरीदे। इसके अलावा किसान ये भी मांग कर रहे हैं कि खाद के वितरण के लिए टोकन सिस्टम खत्म किया जाए। अपनी मांगों को लेकर किसानों की सीएम आवास घेरने की तैयारी में थे। पुलिस और प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी।
अब 25% की जगह 60% की जाएगी मूंग की खरीद
आज किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत खरीद किया जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आता है।












