नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू सेशंस कोर्ट ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कथित अपमानजनक बयान के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से ट्रायल कोर्ट के इनकार करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को करने का आदेश दिया।
आज सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से दलीलें टालने की मांग की गई, जिसके बाद कोर्ट ने 4 जुलाई को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।इसके पहले याचिकाकर्ता रविंद्र गुप्ता की ओर से पेश वकील गगन गांधी ने दलीलें रखी थी। उन्होंने कहा था कि याचिकाकर्ता संघ का कार्यकर्ता होने के नाते खरगे के बयानों से आहत है। उन्होंने खरगे पर एफआआईआर दर्ज करने की मांग की।
खरगे की ओर से 20 मार्च को जवाब दाखिल किया गया गया था। इस मामले में तीस हजारी के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दी थी, जिसके बाद याचिकाकर्ता रविंदर गुप्ता ने सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने 29 जनवरी को खरगे को नोटिस जारी किया था।
दरअसल, 13 दिसंबर 2024 को तीस हजारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। खरगे राज्यसभा सांसद हैं इसलिए उनके खिलाफ अब राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
याचिका संघ के कार्यकर्ता रविंद्र गुप्ता ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि खरगे ने 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और संघ के बारे में अपमानजनक बयान दिए। याचिका में कहा गया है कि खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। बाद में खरगे ने कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था वो प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि संघ और भाजपा के खिलाफ था।












