बहराइच के महसी में सोमवार को हिंदू और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गौमाता को ‘राष्ट्रीय गौमाता’ घोषित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि गौ-हत्या से संबंधित मामलों में अक्सर मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाए जाने के आरोप लगते हैं, जिससे सामाजिक तनाव और आपसी अविश्वास बढ़ता है। प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि यदि गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक दर्जा और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था मिलती है, तो समाज में सद्भाव और भाईचारा मजबूत होगा। इस ज्ञापन पर ग्राम पंचायत महसी और क्षेत्र के कई हिंदू और मुस्लिम प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। इनमें मो. इसमाइल हाशमी, दीपक चौरसिया, सत्यम बाजपेयी, मो. इरफान मंसूरी, पूर्व प्रधान मो. नईम खां, प्रधान प्रतिनिधि धीरेन्द्र यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य मो. इसराफील और जिला पंचायत सदस्य कयूम शाह प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य से अनुरोध किया है कि वे इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएं। उनका मानना है कि यह कदम सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देगा।
गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग:महसी में शंकराचार्य को हिंदू-मुस्लिम प्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन
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