नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ी समस्या पर कानून को कठोर बनाए जाने से जुड़े विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के युवाओं की बात सुननी चाहिए। सरकार स्वयं नौजवानों को जनसांख्यिकीय लाभांश बताती है, कहीं ऐसा न हो कि युवा वर्ग आपदा बन जाए।
लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में परीक्षा पत्र लीक होने, राममंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों के बंद होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक पेपर लीक हुए हैं।
कानून के विषय में अखिलेश ने कहा कि सरकार खुद के बनाये कानून में संशोधन लेकर आई है। यह लोगों की आंख में धूल झोंकने जैसा है। कानून से पेपर लीक रुके होते तो रुके क्यों नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने परीक्षा आयोजित करने वाली एनटीए को आउटसोर्स कर दिया है।
चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने सपा नेता अखिलेश यादव से पूछा कि छात्र आंदोलन पर कानून बनाने वाले अच्छे हैं या छात्रों के आंदोलन पर इमरजेंसी लगाने वाले। इस पर अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया और कहा कि इमरजेंसी के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ था।
कानून से पेपर लीक रुके होते तो रुके क्यों नहीं : अखिलेश यादव
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