श्रावस्ती जिले के सिरसिया विकासखंड के बन्ठिहवा गांव में मोहर्रम की पहली तारीख पर बुधवार रात इमाम हुसैन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दूर-दराज से आए उलेमाओं, शायरों और अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जलसे की पेशकश हाफिज मोहम्मद तुफैल खां ने की, जबकि कारी रिजवान अहमद कटरा बाजार ने निजामत संभाली। सैयद अहमद रजा कादरी बलरामपुरी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। कॉन्फ्रेंस में उलेमाओं ने कर्बला की घटना, हजरत इमाम हुसैन की शहादत और उनके इंसानियत, सब्र तथा सच्चाई के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि हर युग में अन्याय के खिलाफ संघर्ष और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का प्रतीक है। इस अवसर पर मुफ्ती खालिद राजा मंजरी नानपारा, मौलाना अहमद राजा अग्गापुरी, शायर-ए-इस्लाम मोहम्मद अफरोज रिजवी गोरखपुरी, उस्ताद-ए-शोरा समी बहराइची और मोहम्मद सलमान रजा इकौनवी सहित कई उलेमा-ए-किराम ने अपने बयान और कलाम प्रस्तुत किए। नात, मनकबत और तकरीरों के जरिए कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देर रात तक चले इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान आध्यात्मिक और धार्मिक माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। जलसे में बड़ी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे और देर रात तक जिक्रे शुहदाए कर्बला की सदाएं गूंजती रहीं। पूरे क्षेत्र में मोहर्रम की आमद के साथ एक रूहानी और ईमानी माहौल देखने को मिला।
बन्ठिहवा गांव में इमाम हुसैन कॉन्फ्रेंस आयोजित:उलेमाओं ने कर्बला के संदेश से लोगों को रूबरू कराया
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